मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश हीटवेव की चुनौतियों से निकलकर ग्रीनवेव की दिशा में अभूतपूर्व बदलाव का साक्षी बन रहा है। पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण विस्तार के क्षेत्र में प्रदेश नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, जो सतत विकास के प्रति सीएम योगी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
“एक पेड़ मां के नाम 2.0” थीम पर आधारित मेगा वृक्षारोपण अभियान ने वर्ष 2025 में रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान एक ही वर्ष में 37.21 करोड़ पौधे लगाए गए। पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में 240 करोड़ से अधिक पौधारोपण किया गया, जिससे यह देश के सबसे बड़े वृक्षारोपण अभियानों में शामिल हो गया है।
वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 2021-22 से 2024-25 के बीच लगाए गए पौधों का औसत संरक्षण दर 86.67% दर्ज किया गया है। यह न केवल अभियान के दायरे को दर्शाता है, बल्कि पौधारोपण के बाद उनकी देखरेख और निगरानी की गंभीरता को भी रेखांकित करता है।
•2021-22 में संरक्षण दर 76.87% रही,
•2022-23 में यह बढ़कर 83.73% हो गई,
•2023-24 में 90.04% और
•2024-25 में यह रिकॉर्ड 96.06% तक पहुंच गई।
यह सफलता प्रभावी निगरानी और जनसहभागिता का परिणाम है।
सीएम योगी आदित्यनाथ का विजन केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि हर पौधे को संरक्षित कर पर्यावरणीय संतुलन बहाल करने और दीर्घकालिक प्रभाव छोड़ने पर केंद्रित है। इसी उद्देश्य से वन विभाग ने हर स्तर पर मजबूत निगरानी और मूल्यांकन तंत्र लागू किया है।
हरित आवरण में 5 लाख एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि
2017 से अब तक उत्तर प्रदेश ने लगभग 5 लाख एकड़ हरित आवरण में बढ़ोतरी दर्ज की है। राज्य में वन और वृक्ष आवरण 9.18% से बढ़कर लगभग 10% तक पहुंच गया है।
•2017 से 2021 के बीच लगभग 2 लाख एकड़ वृक्ष आवरण बढ़ा।
•2021 से 2023 तक और 1.38 लाख एकड़ की वृद्धि दर्ज की गई।
इस उपलब्धि ने उत्तर प्रदेश को देश में हरित आवरण वृद्धि के मामले में दूसरा अग्रणी राज्य बना दिया है।
राष्ट्रीय औसत से तेज यूपी का प्रदर्शन
देहरादून स्थित फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (FSI) की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 तक उत्तर प्रदेश में वनों के बाहर वृक्ष आवरण में 3.72% की वृद्धि हुई है, जो राष्ट्रीय औसत 3.41% से अधिक है। इसके अलावा, राज्य में वन कार्बन स्टॉक में 2.46% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत 1.13% से लगभग दोगुनी है। इसका अर्थ है कि उत्तर प्रदेश ने लगभग 7.2 करोड़ टन कार्बन डाईऑक्साइड को अवशोषित कर लिया है, जिससे जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है।
योगी सरकार के नेतृत्व में चल रही इस हरित क्रांति ने उत्तर प्रदेश को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक रोल मॉडल के रूप में स्थापित कर दिया है।



