राजस्थान: ख़त्म होता पशुओं का उतम आहार सेवण घास – Khalihan News
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राजस्थान: ख़त्म होता पशुओं का उतम आहार सेवण घास

सेवण घास राजस्थान के जैसलमेर जिले के अलावा श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़,जोधपुर, बीकानेर, चुरु जिलो के आसपास के रेतीले इलाकों में पाई जाती है| सेवण घास को रेगिस्तान में घासों का राजा कहा जाता है| सेवण घास का वानस्पतिक नाम लसियुरुस सिडीकुस है|

सेवण घास सूखा रोधी एवं कम व अधिक तापमान की स्थिति में भी सरलतापूर्वक वृद्धि कर लेती है, जिसके कारण यह रेगिस्तान में आसानी से उगाई जा सकती है| यह 10 साल तक स्टोर करके रखने के बावजूद खराब नहीं होती है। इसलिए यह घास किंग ऑफ डेजर्ट के नाम से प्रसिद्ध है।

यह 250 मिमी से कम वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों की सबसे महत्वपूर्ण चराई घासों में से एक है. इसका उपयोग आमतौर पर स्थायी चरागाहों की स्थापना के लिए किया जाता है |
लगातार कोशिश के बावजूद यह घास पनप नहीं रही है तो इसकी बड़ी वजह तेजी से बदल रही जलवायु है| हवा में घुलती जहरीली गैसों पर रोक लगाकर इस तरह के खतरो को कम करना संभव हो सकता है|

 

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