अब नींबू सिर्फ स्वाद नहीं, कमाई का भी बड़ा ज़रिया बन गया है। कौशांबी जिले के केसरिया और शहजादपुर गांव के किसान इसकी मिसाल पेश कर रहे हैं। खासतौर पर शहजादपुर के प्रगतिशील किसान बनवारी लाल ने कागदी प्रजाति के नींबू की खेती कर बाकी किसानों के लिए एक मॉडल खड़ा कर दिया है।
क्या है खास इस नींबू में? बनवारी लाल बताते हैं कि यह प्रजाति साल में चार बार फल देती है, यानी एक बार बाग लगाकर सालभर कमाई की गारंटी। फल न केवल दिखने में आकर्षक और साफ होते हैं, बल्कि टिकाऊ भी हैं। यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग और कीमत दोनों ऊंची रहती हैं।
कागदी नींबू की खेती कैसे करें?•पौधों की दूरी: हर पौधे के बीच लगभग 20 सेंटीमीटर की दूरी रखें।
•गड्ढे की तैयारी: पौधा लगाने से पहले गड्ढे में ऊपरी मिट्टी, गोबर की खाद और सुपर फास्फेट मिलाना जरूरी है।
•उपयुक्त समय: जून-जुलाई का समय सबसे बेहतर है, क्योंकि मानसून में पर्याप्त नमी मिलती है जिससे पौधों की वृद्धि तेज होती है।
100 साल तक देता है उत्पादन! इस नींबू की खासियत यह भी है कि एक बार ठीक से लगने के बाद यह 90-100 साल तक उत्पादन देता है। यानी यह एक बार की मेहनत और पीढ़ियों की कमाई का सौदा है।



