उत्तर प्रदेश में शहरी हरित नीति को कैबिनेट की मंजूरी, अब ‘अल्टीमेट ग्रीन सिटी’ बनेंगे यूपी के शहर – Khalihan News
Breaking News
उत्तर प्रदेश में शहरी हरित नीति को कैबिनेट की मंजूरी, अब ‘अल्टीमेट ग्रीन सिटी’ बनेंगे यूपी के शहर

उत्तर प्रदेश में शहरी हरित नीति को कैबिनेट की मंजूरी, अब ‘अल्टीमेट ग्रीन सिटी’ बनेंगे यूपी के शहर

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के शहरों को हरित और सतत विकास की दिशा में ले जाने के लिए ‘शहरी हरित नीति’ को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस ऐतिहासिक नीति को हरी झंडी दी गई। नगर विकास विभाग द्वारा प्रस्तावित यह नीति राज्य में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु अनुकूलन और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम मानी जा रही है।
ग्रीन सिटी के लिए ग्रीन स्टार रेटिंग और पुरस्कार
शहरी हरित नीति के अंतर्गत प्रदेश के शहरों को उनकी हरित पहलों के आधार पर ‘ग्रीन स्टार रेटिंग’ दी जाएगी। इसके लिए ग्रीन सिटी मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क विकसित किया जाएगा, जिसके तहत शहरों को ग्रीन, ग्रीन+, ग्रीन++ और ग्रीन+++ श्रेणियों में रैंक किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहर को ‘अल्टीमेट ग्रीन सिटी पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा।
मियावाकी जंगल, वर्टिकल और रूफटॉप गार्डन होंगे विकसित
राज्य सरकार की योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में तेजी से हरियाली बढ़ाने के लिए मियावाकी तकनीक से मिनी फॉरेस्ट, वर्टिकल गार्डन, रूफटॉप गार्डन और हरित पार्क बनाए जाएंगे। इसके अलावा स्पॉन्ज पार्क, ग्रीन बेल्ट और कम उत्सर्जन जोन भी विकसित किए जाएंगे।
तीन-स्तरीय रणनीति: शहर, मोहल्ला और भवन स्तर पर काम
नीति के तहत एक तीन-स्तरीय रणनीति अपनाई जाएगी:
•शहर स्तर पर: मिनी फॉरेस्ट, ग्रीन जोन, ग्रीन फेयर
•मोहल्ला स्तर पर: पॉकेट पार्क, सामुदायिक बग़ीचे, पार्क गोद योजना
•भवन स्तर पर: हर नए भवन निर्माण के लिए ग्रीन बिल्डिंग मानक अनिवार्य होंगे, जिनमें पर्यावरणीय अनुकूल निर्माण सामग्री और ऊर्जा-संरक्षण तकनीक का उपयोग शामिल होगा।
केंद्र व राज्य योजनाओं से होगा वित्तीय सहयोग
शहरी हरित नीति के क्रियान्वयन के लिए अमृत 2.0, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम, केंद्रीय वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग जैसी योजनाओं से फंड जुटाए जाएंगे। इसके साथ ही स्थानीय निकाय, CSR और समुदाय भी इसमें सहयोग देंगे।
जनभागीदारी को मिलेगा बढ़ावा
नीति के तहत स्कूलों, कार्यालयों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से वृक्षारोपण अभियान, ग्रीन वर्कशॉप, फूलों के महोत्सव आदि के आयोजन को बढ़ावा मिलेगा। इसके माध्यम से समाज में हरियाली के प्रति चेतना बढ़ाई जाएगी।
तीन चरणों में लागू होगी नीति
1.पहला चरण (2025–2027): स्मार्ट सिटी और प्रमुख महानगरों पर फोकस
2.दूसरा चरण (2027–2030): 1 लाख से अधिक आबादी वाले शहर
3.तीसरा चरण (2030 के बाद): सभी नगर पालिकाएं व नगर पंचायतें
पर्यावरण के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
यह नीति न सिर्फ पर्यावरणीय रूप से लाभकारी है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी सकारात्मक प्रभाव डालेगी। बच्चों को खेलने की सुरक्षित जगहें मिलेंगी, सामुदायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, और ग्रीन जोन के पास संपत्ति के मूल्य में वृद्धि होगी। साथ ही ऊर्जा की खपत कम होगी।
ग्लोबल जलवायु सुधार में निभाएगा भूमिका
उत्तर प्रदेश की यह शहरी हरित नीति न केवल राज्य के लिए, बल्कि ग्लोबल क्लाइमेट चेंज मिशन में भारत की भूमिका को मजबूत करने वाला एक अहम कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच और नेतृत्व में प्रदेश ग्रीन विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

About

Check Also

सीएम योगी ने तय किया एमपीएसपी का रोडमैप, 2032 तक 100 संस्थाएं और एक लाख स्किल्ड विद्यार्थी तैयार करने का लक्ष्य

सीएम योगी ने तय किया एमपीएसपी का रोडमैप, 2032 तक 100 संस्थाएं और एक लाख स्किल्ड विद्यार्थी तैयार करने का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी) के …